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Archive for July, 2011


वो दर्द की लौ को बुझा दिया,
आँखों का झरना सुखा दिया,
दिल में घुस कर क्या बैठे,
बस प्यार करना सिखा दिया|
 
काजल से बुनती तस्वीरे,
नींदों से नींदे चुरा गया,
दिल की धड़कन क्या कहती,
उसने तो दिल ही चुरा लिया,
जो हसरत दिल की जाहिर की,
चहरे से पर्दा हटा दिया,
थी चाहत उस पर मरने की,
उसने तो जीना सिखा दिया|
 
वो प्यार के रंग सजा कर के,
जीवन का हर रंग मिला दिया,
अब चाहत क्या नादान-ए-दिल,
दिल को सरताज सजा दिया,
झलके आँखों में ख़ुशी यहाँ,
दिल भी मेरा भर आया है,
धड़कन ना मेरी थम जाये,
खुदा से मेरे मिला दिया,
 
मेरी ख़ामोशी क्या बोले,
ख़ुशी जुबां की क्या बोले,
मुस्कराहट मेरी क्या बोले,
दिल की धड़कन क्या बोले,
जो बिना कहे ही सिखा दिया,
आँखों ही आँखों बता दिया,
दिल के दरिया में उतर-उतर,
बस प्यार करना सिखा दिया|

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