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Posts Tagged ‘तेरापंथ’


भाव के गुलदस्ते से झलकता,
अप्रतिम प्यार हो तुम,
गुदगुदाती, खिलखिलाती,
ह्रदय की झंकार हो तुम,
शून्य सी पड़ी चेतना में,
प्राण का संचार हो तुम,
जिंदगी के वाद्य का,
अनछुआ सा तार हो तुम,
दे दिए सुर कई अनोखे,
सूक्ति का संचार हो तुम,
गीत जो लिखने चला था,
गीत का हर भाव हो तुम,
आँख बंद कर बैठे क्षण भर,
स्वपन का आभास हो तुम,
गर खुले आँखे स्वपन से,
तेज बन साकार हो तुम,
दीप भी तुम, बाती भी तुम,
लौ बन प्रज्ज्वलित होती,
अग्नि की आहुति हो तुम,
कुछ कहा सा, कुछ सुना सा,
कुछ गढ़ा सा, अनगढ़ा सा,
कुछ बुना सा, अनबुना सा,
कुछ सुखद सा, कुछ दुखद सा,
“भरत” अनुभूतियों में बसा ,
मेरा सारा संसार हो तुम।

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उसके चेहरे को देख कर लग रहा था की जैसे यह कई दिनों से सोई नहीं है, चेहरे पर थकान की रेखा उभरती तो थी, पर मात्र एक क्षण के लिए| शायद किसी बात का शकुन था जो थकान को एक पल से ज्यादा टिकने ही नहीं देता| रोज देख कर लगता था कि यह महिला किसी भिखारी गैंग का ही हिस्सा है, लेकिन आज मन ने कहा और मैंने 10 का नोट उसके हाथ पर रख दिया, दिल से दुआयें देती वह आगे निकल गई| शाम को आफिस से वापिस आते समय जब लाल बत्ती पर लगे जाम में रुका तो उसी महिला को फुटपाथ पर बैठा देख कर नज़रे उसी पर केन्द्रित हो गयी| हाथ पंखे से स्ट्रीट लाईट में बैठे, नई स्कूल ड्रेस पहने, नया बेग पास में रखे, एक वर्ण माला की किताब हाथ में लिए, एक 6 वर्षीय बालक को पंखा झलते हुए उस माँ के चहरे पर एक ख़ुशी झलक रही थी| शायद जीवन की कठिनाइयो को सहन कर सीप सम कठोर माँ केआँचल में एक अनमोल मोती मूर्त रूप ले रहा था|

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गुरुदेव श्री महाप्रज्ञ जी को समर्पित एक छोटी सी रचना
 
महाप्रज्ञ मानवता के मसीहा, इस दुनिया के संत महान|
जैन जगत के दिव्य भाल पर, अंकित चन्द्र सामान|
तुमको किन शब्दों में बांधू, तुमको कोटि-कोटि प्रणाम|
 
मानव थे मानव बनकर मानवता ही कर्म रहा,
मानवता के लिए जिए तुम, मानवता ही धर्म रहा,
तुमको कैसे मानव कह दूं मैं, तुम हो ईश सामान|
 
लोभ मोह ममता को छोड़ा, स्वार्थ तुम्हे नहीं भाया,
मुनि जीवन स्वीकारा तुमने, कंटक पथ ही रास आया,
तुमको मैं क्या-क्या संज्ञा दूं, बोलो-बोलो युगप्रधान|
 
अपने पथ पर चलते चले तुम, कभी राह में रुके नहीं,
हर जिम्मेदारी को निभाया, उसमे भी तुम चुके नहीं,
हम पर यूँ ही आशीर्वर रखना, हे! हम सब के अभिमान|
तुम मानव नहीं महामानव थे, तुमको भारत का प्रणाम||

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