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Posts Tagged ‘marriage’


समय का पहिया चलता गया,
कुछ मैं भी उसके साथ चला,
कुछ ढंग बदला,
कुछ रंग बदला,
कुछ तो अपने आप चला।
कुछ ममता के आंचल में,
कुछ अनजानी सी नजरो में,
चंद लोगो की बातों में,
सबको अपनाते अपनाते,
मेरा ये जीवन साथ चला।
अनजाना आभास लिए,
कुछ चातक की सी प्यास लिए,
चंदा सा उजास लिए
तारों की मीठी छांव चला।
कुछ कुछ पुरानी यादें है,
कुछ आधे अधूरे वादे है,
कुछ रास्तो को समझाना है,
कि मैं भी उनके साथ चला।
जीवन यू बदलता जाता है,
बचपन से यह जब निकले,
बंधन में बंधता जाता है,
“भरत” जीवन के पड़ावों में,
मैं तो सबके साथ चला,
दरिया ज्यो मैं प्यास बुझाता,
मैं तो सबके साथ चला॥

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भाव के गुलदस्ते से झलकता,
अप्रतिम प्यार हो तुम,
गुदगुदाती, खिलखिलाती,
ह्रदय की झंकार हो तुम,
शून्य सी पड़ी चेतना में,
प्राण का संचार हो तुम,
जिंदगी के वाद्य का,
अनछुआ सा तार हो तुम,
दे दिए सुर कई अनोखे,
सूक्ति का संचार हो तुम,
गीत जो लिखने चला था,
गीत का हर भाव हो तुम,
आँख बंद कर बैठे क्षण भर,
स्वपन का आभास हो तुम,
गर खुले आँखे स्वपन से,
तेज बन साकार हो तुम,
दीप भी तुम, बाती भी तुम,
लौ बन प्रज्ज्वलित होती,
अग्नि की आहुति हो तुम,
कुछ कहा सा, कुछ सुना सा,
कुछ गढ़ा सा, अनगढ़ा सा,
कुछ बुना सा, अनबुना सा,
कुछ सुखद सा, कुछ दुखद सा,
“भरत” अनुभूतियों में बसा ,
मेरा सारा संसार हो तुम।

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